सपने और लक्ष्य में अंतर

जब भी बड़ा लक्ष्य हम हाथ में लेते हैं तो बहुत सारी हमारे सामने समस्याएं आती हैं! 

उन समस्याओं का समाधान करते हुए हमें हर रोज अपनी सफलता के प्रति सच्चे दिल से और सच्ची लगन से लगना चाहिए !ताकि हम उन समस्याओं का समाधान करके अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर आगे बढ़ते रहें ! हमारे पास समय का अभाव हैं ! इस दरमियान आपके जो लक्ष्य बनाए हुए हैं उनके प्रति हर रोज निरंतर काम करते रहना चाहिएं ! ताकि हम उस राह से भटक ना सके लक्ष्य बहुत बड़ा होता हैं जीवन में और उनको हासिल करने के लिए हमें बहुत-सी परिस्थितियों से जूझना पड़ता है ! 

परंतु इस परिस्थितियों में हमें धैर्य को बनाए हुए और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर कदम से कदम मिलाते रहें,तो वह दिन दूर नहीं हैं ! जिसकी हम दिल में आशा लेकर बैठे हैं ! मुकाम भी  मिलेगा और अपने को ही मिलेगा ! हमारे पास बहुत सारे आर्थिक साधन नहीं होते हैं इन्हीं की वजह से हम अधिकांश अपने सपनों से मुंह मोड़ लेते हैं। हम अपने सपनों के प्रति जा नहीं पाते हैं आर्थिक स्थिति की वजह से हम बहुत सारे अपने लक्ष्य में अच्छा प्रयास नहीं कर पाते हैं। परंतु जो हमारे पास मौजूदा हालात में साधन हैं उसी को लेकर हमें आगे चलना हैं !

इसी को अपनी ताकत और हिम्मत बनाकर अपने लक्ष्य की ओर चलना हैं ! शुरुआत में हर कोई महान नहीं होता हैं, हमें हर रोज विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता हैं परंतु यह हमें धीरे-धीरे बहुत मजबूत बना रही हैं! और अपने लक्ष्य के प्रति शिक्षित और सही ढंग से काबिल बना कर आगे भेजने का भी कार्य करती हैं ! इसलिए जिंदगी में जब भी कठिनाई आए तो उन्हें चुनौती के रूप में लेते हुए उसका मुकाबला करने से समस्याओं का समाधान हो जाता हैं अपने काम में हर कोई पहले से अच्छा नहीं होता हैं परंतु धीरे-धीरे उस कार्य में रूचि रखते हुए उस कार्य का बादशाह जरूर बनता हैं!

 इसलिए हमें हमारी कमजोरियों को उजागर ना करते हुए अपनी कमजोरियों को ताकत बनानी होगी ! इस समय में अगर आपके पास धैर्य , हिम्मत, लगन, समझदारी हैं तो आपके सारे लक्ष्य आपके हित में होंगे सारी सफलताएं आप ही की होगी !मगर सिर्फ सपने देखने मात्र से कुछ नहीं होता हैं उसके ऊपर आपको प्रतिदिन अपने आप को झोंकना होगा तब जाकर आपके सपने हकीकत में बदलने शुरू होंगे!और आप अपनी सफलता की ओर खुद-ब-खुद बढ़ते जाएंगे !

 हमारे पास बहुत सारे साधन नहीं होते हैं फिर भी हम  हिम्मत करके अगर उस लक्ष्य के प्रति शत प्रतिशत इमानदारी से लगे रहेंगे तो निश्चित रूप से उस सफलता पर पहला हक आप ही का होगा!

जब आपने अपने जीवन का एक को लक्ष्य बना रखा हैं तब उस लक्ष्य के प्रति आपको हर रोज कार्य करते रहना चाहिएं। ताकि आप उस पथ से कभी भ्रमित ना हो ! उसके ऊपर निरंतर आपका प्रयास होना अति आवश्यक हैं! समय व्यर्थ ना करते हुए उसके प्रति आप अगर सच्चे दिल से लग जाओगे तो यकीन मानिए जो आपने देखा हैं, जो आपने सोचा हैं, जो आपने करने का निश्चय किया था वह सब सही मायने में हो चुका हैं!

 परंतु दुर्भाग्य की बात यह है कि व्यक्ति अपने लक्ष्य के प्रति एक समान हर रोज नहीं रहता हैं राह से भटक जाता हैं! और फिर कुछ दिनों के बाद पश्चाताप होने के पश्चात पुनः प्रयास करता हैं तब तक समय निकल चुका होता हैं! इसलिए जो भी कार्य करने का आपने एक निश्चित समय बनाया हैं! उसी समय के अंतराल आपको उस लक्ष्य के प्रति जी जान लगाकर हासिल करने का प्रयास करते रहना हैं !

अपने लक्ष्य के प्रति निम्न बातों को हमेशा अपने जहन में रखें !

 1.हर रोज का अपना एक पाठ्यक्रम तैयार करें!

2.हर रोज उसके ऊपर प्रयास करें!

3.उसके प्रति हर रोज सोचे,लक्ष्य के प्रति धैर्य रखें ,समय व्यर्थ से बचें!

4.लोगों के साथ लक्ष्य के प्रति वार्तालाप करें अपनी प्रतिक्रिया दें ! ,समय सारणी बनाइए और उसी के आधार पर हर रोज का कार्य प्रारंभ करें!

5.इंटरनेट की मदद ले!

6.अपने से सीनियर की मदद ले,

अपना एक सलाहकार अवश्य सुने, जो हर रोज आपको आपके लक्ष्य के प्रति सकारात्मक ऊर्जा से आनंदित करता रहे!

धन्यवाद जय हिंद 

 लेखक श्रवण कुमार सुथार 

Comments

  1. Sir ap bht acha kam kr rhe h....aj k time pe log sirf apne course ko decide kr lte h or unhe lgta h ki ho gya career or usk aage koi mhnt nhi krte.....ap unhe smjha k bht acha kam kr rhe h.....keep doing sir

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  2. Super bahaut hi achha likhtey ho

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