अंतर्विरोधी विचार एवं व्यवहार
नमस्कार ! मैं आज अपने अन्तर्विरोधी विचारों और व्यवहार के बारे में बात करने जा रहा हूं !अपनी असल जिंदगी में हम बहुत सारे ऐसे फैसला लेना चाहते हैं,जो अपने अनुकूल हो मगर अपने विचार और अपने व्यवहार के बीच में तालमेल ना बैठने के कारण हमारे कुछ फैसले गलत साबित हो जाते हैं ! और हम जिस क्षेत्र में जाना चाहते हैं उसमें जाने में बाधा उत्पन्न हो जाती हैं ! इन सब का एक ही कारण होता है कि हम विचार के बदौलत सब कुछ हासिल करना चाहते हैं मगर विचार और व्यवहार दोनों को अगर साथ मिलाकर चलें तो जीवन के हर मुकाम को हासिल कर लिया जाता हैं ! अपने अंतर विरोधी विचार हमें कुछ करने की प्रेरणा देते हैं , हमें एक सपना दिखाते हैं कि हम इस सपने को हकीकत में बदल कर अपनी जिंदगी में कुछ ऐसा मुकाम हासिल करें जो आने वाले भविष्य को संवार सकें ! मगर विचार और व्यवहार दोनों का अगर तालमेल ना बैठें तो इन दोनों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाता हैं ! मसलन बात यह होती हैं कि विचार दिमाग की उपज होती हैं हमारे दिमाग में विचार आते हैं और हम उस पर विमर्श कर उसको हकीकत में बदलने का प्रयत्न करते हैं, मगर व्यवहार इसके विपरीत दिशा ...