शिक्षा ही जीवन का आधार है
(शिक्षा ही जीवन का आधार है)
शिक्षा का महत्व
जिंदगी में अगर शिक्षा ना मिले ना तो लोग अपनी राह से भटक जाते हैं! और गुनाह की राह पर चल चल पड़ते हैं जिंदगी में शिक्षा अतिमहत्वपूर्ण होती हैं शिक्षा का अगर सही अर्थ समझा जाए तो एक शिक्षित समाज का निर्माण करना होता हैं! अगर समाज में लोग शिक्षित रहेंगे तो उस समाज में अपराध ने अपने आप कम हो जाएगा !
शिक्षा ही जीवन के लिए अति आवश्यक साधन हैं अगर शिक्षा मिल गई तो आपको रोजगार मिल जाएगा आप जीवन में आगे से आगे बढ़ते जाएंगे! मगर अफसोस की बात यह हैं कि शिक्षित लोग भी शिक्षा को बढ़ावा ना देते हुए अपने खुद के जीवन में ना करने वाले कार्य करते हैं! और अपना जीवन तो खुद ब खुद खराब करते हैं आसपास का माहौल भी खराब करते हैं!
मैं यहां पर किसी व्यक्तिगत के ऊपर टिप्पणी नहीं कर रहा हूं! मगर जब शिक्षा की बात आती हैं तो सबको एक साथ मिलकर आगे बढ़ना चाहिएं ! शिक्षा एक मात्र साधन हैं जो हमारे समाज को अपराध मुक्त , भ्रष्टाचारमुक्त बना सकता हैं ! इसलिए जितना हो सके उतना शिक्षा पर जोर दो, जितनी ज्यादा शिक्षा बढ़ेगी उतना ही ज्यादा समाज का विकास होगा ! समाज के विकास से देश का विकास होगा ! और अपना देश खुद-ब-खुद विकसित हो जाएगा इसलिए सरकार के द्वारा विभिन्न पहले चलाई जा रही शिक्षा को लेकर ! उनका स्वागत करें सही उपयोग करके हम शिक्षा को और आगे बढ़ा सकते हैं ! जितने भी शिक्षा के पक्ष में एनजीओ ,स्टडी ग्रुप , वगैरा-वगैरा जो चल रहे हैं उनको हमें महत्व देना चाहिए उनकी मदद करनी चाहिए !
शिक्षा एक मात्र साधन है सब को एक साथ लेकर चलने की हिम्मत रखता हैं अगर समाज में शिक्षा मिल गई संस्कार मिल गए तो आतंकवादी , बम ब्लास्ट , बलात्कार , न जाने कितने अपराध खत्म हो जाएंगे ! सिर्फ और सिर्फ शिक्षा के माध्यम से ही होगा व्यवहारिक ज्ञान बढ़ेगा लोगों के प्रति एक दूसरे की समझने की समझ विकसित होगी और अन्य प्रकार के फायदे होते हैं!
मगर दुख की बात यह हैं कि शिक्षित लोग भी हमेशा नशे में लगे रहते हैं! जब बात आती हैं शिक्षा को महत्व देने की बेटी को पढ़ाने की ! तब दिल को ठेस पहुंचती हैं कि करना क्या हैं बेटियां पराया धन होती हैं आगे जाकर अपने ससुराल में अच्छा करेगी हमारा क्या हैं! ऐसे लोग , ऐसी सोच के लोग अपना खुद का तो नुकसान कर ही रहे हैं! मगर आसपास के समाज का वातावरण भी खराब कर रहे हैं ! ऐसे लोगों से बचकर रहें और शिक्षित लोगों के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखें ! शराब की दुकानों पर बहुत सारे शिक्षित लोग आपको मिलेंगे जो पढ़े लिखे हैं जानते हुए भी कि यह गलत हैं! फिर भी मादक पदार्थ का सेवन करेंगे ! सिगरेट स्मोकिंग इन सब का उनके रोजमर्रा का एक हिस्सा बना हुआ हैं!
और जब हम को शिक्षा के प्रति अच्छा कार्य करने जाते हैं तब यह लोग हमारा मजाक उड़ाते हैं ! समाज हित में योगदान देने से इनको शर्म आती हैं ऐसे लोगों से जितने दूरी रहेगी उतना ही अपना समाज हकीकत में तरक्की करेगा ! मुझे यह सब नहीं कहना चाहिए मगर सच्चाई यह हैं और हमें स्वीकार करनी भी होंगी! पढ़ाई को लेकर हमारे समाज में होना चाहिए कि कोई पढ़ रहा हैं आगे बढ़ रहा हैं तों उसकी मदद हमें अवश्य करनी चाहिएं!
मैंने बहुत सारे लोगों को देखा हैं शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देते हैं उनकी चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं ! ऐसे लोगों को भी देखा हैं मैंने शिक्षा को महत्व नहीं देना चाहते हैं मगर जो दे रहे हैं उनके बीच में अड़चन पैदा करते हैं !
हमारी यह जंग शिक्षा के प्रति सर्वप्रथम होनी चाहिए मैंने बहुत सारे लोगों को देखा हैं ! लाखों-करोड़ों का दान हर जगह आप दे देते हैं मगर जब शिक्षा की बात आती हैं तब इस क्षेत्र में बहुत ही कम लोग आते हैं! जो सही मायने में जानते हैं कि समाज तरक्की करें आगे बढ़े मैंने ऐसे विद्यार्थियों से देखा हैं! जो जिंदगी में बहुत कुछ करना चाहते हैं मगर आर्थिक स्थिति की वजह से पीछे रह चुके हैं! उनको बहुत कुछ आगे करना हैं समाज में बदलाव लाना हैं मगर वह सिर्फ और सिर्फ आर्थिक स्थिति की वजह से रुके हुए हैं !
क्या हमारा समाज यह कतई नहीं चाहता कि हमारा देश शिक्षित बनकर विकसित बने?? आज हम जिस राज्य की बात करते हैं कि उसका शिक्षा स्तर 90% से ऊपर हैं किसी का 60% से ऊपर हैं! अपने आपसे एक सवाल कीजिए कि आपने आपके जीवन में शिक्षा के प्रति कितना योगदान दिया हैं? बेटियों के प्रति कितना योगदान दिया हैं? बेटियों को आगे बढ़ाने में कितनी मदद कि हैं? क्या आपने समाज के पुरानी परंपरा को तोड़कर नए भारत के निर्माण में योगदान दिया हैं? पुरानी परंपरा तोड़कर आपने अपनी बेटी को गांव से शहर में अकेले पड़ने भेजा हैं? या फिर उसको आईपीएस वकील बनाया हैं? अगर आपने ऐसा बनाया हैं तो आप इस दुनिया में सबसे महान व्यक्तियों की श्रेणी में आपका नाम बेशुमार हैं ! मैं आप ही को सलाम करता हूं !
आपकी सोच को सलाम करता हूं ! मगर जो यह नहीं करते हैं उनसे हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहूंगा कि जो कर रहे हैं उसके बीच में अड़चन पैदा ना करें ! कल हो ना हो आपकी बेटी को आगे बढ़ना हो और आपके पास पढ़ाने के लिए कुछ साधना ना हो और आप किसी से मदद मांगेंगे और कोई ना करे तो आपके दिल पर क्या गुजरेगी!यह मैं भी समझ रहा हूं! इसलिए सर्वोच्च स्थान पर शिक्षा होनी चाहिए! शिक्षा के लिए हमें हर रोज विद्यार्थियों को प्रेरित करना चाहिएं! समाज में नए-नए कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए , ताकि समाज को एक नई राह मिल सके ! समाज एक नई दिशा में प्रगति कर सकें ! मगर हम ऐसा नहीं करते हैं कोई अगर एक गांव का या फिर कोई जिले में अगर ऐसा कोई करता हैं तो लोग उसका मजाक उड़ाने में कभी पीछे नहीं हटते हैं यह क्या कर लेगा , इससे क्या होगा, क्या यह समाज को बदलेगा, बड़ा आया समाज को बदलने वाला ! यही सोच आपको डूबा रही हैं मगर फिर भी हम पढ़े लिखे लोग भी उन्हीं का साथ दे रहे हैं यह शर्म की बात हैं ! हमारे लिए किसी कवि ने सच कहा हैं कि
"" अगर एक पाठशाला खुलती हैं तों, दस पुलिस थाने बंद होते हैं "अर्थात एक विद्यालय खुलने पर कितने बच्चे और कितने गांव विकसित हो जाते हैं कि कम से कम 10 पुलिस थानों में अपराध का स्थान बहुत नीचे रह जाता हैं अपराध कम होने लगते हैं!
इसलिए जितना हो सके उतना शिक्षा में अपना योगदान अवश्य दें आपकी कमाई का अगर आप 5% भी हर साल अगर शिक्षा में दे रहे हैं तो यकीन मानिए अपने देश में शिक्षा का स्तर संपूर्ण रुप से ऊपर उठ जाएगा !
इसमें कोई दोराय नहीं होगी जितने भी हमारे शिक्षक गण हैं वकील ,डॉक्टर ,इंजीनियर, कलेक्टर , आईपीएस ऑफिसर आईएएस ऑफिसर ,आईआरएस ऑफीसर ,तहसीलदार ,जितने पढ़े-लिखे लोग हैं उन सब का हमारे गांव ,जिला, समाज ,शहर में ,साल में कम से कम 2 बार आयोजन अवश्य करना चाहिएं ताकि नए नए लोगों से मिलने का मौका मिले !
शिक्षा की राह में क्या बाधा है , सीखने को मिले कैसे आगे जाना है, वह सीखने को मिले! यह सब करने में हमारे जितने भी उद्योगपति और जो शिक्षित लोग हैं जो अपने रोजगार में अच्छा खासा कमा लेते हैं वह अगर थोड़ा थोड़ा योगदान करके भी समाज में ऐसे आयोजन करवाते हैं तो मैं तो मानता हूं कि आपने समाज को बदलने का बेड़ा ही उठा लिया हैं !
यकीनन समाज जरूर बदलेगा , लोगों की सोच जरूर बदलेगी , अपराध पूर्ण रूप से खत्म जरूर होंगे, और यह सब करने के लिए एक ही मात्र साधन है शिक्षा, शिक्षा, और शिक्षा जितनी ज्यादा हमारी शिक्षा होगी संस्कार होगें उतनी ही ज्यादातर प्रगति की राह पर समाज जरूर चलेगा ! बहुत से लोग ऐसे होते हैं कोई एक्सीडेंट दुर्घटना में कोई तड़प रहा हैं मगर उनकी मदद करने के बजाय उनकी फोटो खींचने में बड़ा आनंद आता हैं या किसी के घर में एक साथ कोई घटना होती हैं तो लोग उसका साथ देने के बजाय उसका प्रचार प्रसार करने में लगे रहते हैं
क्या इसी दिन के लिए हमने विद्यालय में शिक्षा ली थी ? हमने पढ़ना लिखना बोलना मान सम्मान देना इसी दिन के लिए सीखा था ? क्या यही हमारे समाज की नींव रखी थी हमने ? कथई यह तथ्य सत्य नहीं होगा ! मगर फिर भी हम उन्हीं लोगों की श्रेणी में दिन-ब-दिन अपना योगदान बढ़ा रहे हैं ! जरा सोचो , खुद अपने आप को पूछो क्या मैं सही कर रहा हूं ? क्या मैं मेरे दायित्व को भलीभांति निभा रहा हूं ? क्या मैं समाज की प्रगति में अपना योगदान दे रहा हूं ? अगर 100 में से 10 लोगों के दिमाग में भी यह बात घर कर जाती है तो मैं अपने आप को बड़ा सौभाग्यशाली समझूंगा !
मेरा मिशन मेरा मकसद सफलता की डगर पर चल रहा हैं! मैंने एक ग्रुप बना रखा हैं ! "स्टडी हेल्प ग्रुप' जिसके माध्यम से जो पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मदद करने का काम मैंने किया हैं! मगर इतनी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने की वजह से जितना हुआ उतना मैंने सपोर्ट किया हैं! और कर रहा हूं !और लोगों से भी सहयोग मांग रहा हूं! शिक्षित लोगों से बुद्धिजीवियों लोगों से समाज सेवक से , शिक्षकगण से, और जितने भी अपने-अपने क्षेत्र में सफल हुए उन सभी महानुभावों से भी मैं मदद की गुहार करता हूं ! कि आप आगे आए और अपने समाज को एक नई राह पर ले चले शिक्षा के स्तर को इतना बढ़ाएं कि देश में ऐसी कोई नौबत ही ना आए अपराध करने की !
हमारी बहन बेटियां जब भी जहां भी जाए अपने आप को महसूस समझे अपने आप को तनावमुक्त समझे ! तब जाकर सही मायने में हमने मानो एक देश के कर्तव्यनिष्ठ नागरिक होने का फर्ज निभाया हैं! अपने समाज का फर्ज निभाया हैं।! अगर हम दिन में ₹20 का भी नशा करते हैं तो इसे हमारा शरीर खराब होता ही हैं अगर इसी ₹20 में से भी 10रु निकाल कर हमारे समाज के शिक्षा फंड में देंगे तो आपका बड़ा उपकार होगा ! समाज की प्रगति में अपने अमूल्य योगदान भी दिया है समाज को एक शिक्षा और एक अच्छा पर्यावरण की अति आवश्यकता हैं! अभी शिक्षा में सर्वोच्च स्थान बालिकाओं को देना चाहूंगा और हमें आगे अच्छी तरह से बढ़ाना हैं !
क्योंकि कहते हैं कि माता ही प्रथम गुरु होती हैं और एक बेटी तो अपने माता-पिता का घर और अपने ससुराल को भी शिक्षित बनाती हैं इसलिए शिक्षा के प्रति ज्यादा जोर देना चाहिए ! और आपसे भी यही उम्मीदवार भरोसा करता हूं कि आप भी इसी का साथ दें और समाज में एक नई शिक्षा पद्धति को आगे लाए जहां मिले एक मिलनसार व्यवहार! हो एक शिक्षा का सही अर्थ ! लोगों को दिखे कि यह लोग पढ़े-लिखे की श्रेणी में आते हैं! मगर हमारे समाज में यह बहुत बुरा हाल हो चुका हैं पहले से उसको सुधारने में अभी अपने को समय लगेगा !
हम जैसे समाज सेवक , शिक्षा प्रेमी , देश प्रेमी , आगे आएंगे और ऐसे कार्यक्रम करेंगे तो यकीनन हमारे गांव का स्तर , हमारे जिला स्तर , हमारे राज्य स्तर , और हमारे देश के स्तर में शिक्षा का महत्व बहुत बढ़ जाएगा ! यह जब बढ़ गया उस दिन हमारा देश दोहरी प्रगति पर निकल पड़ेगा , और समाज से अपराध धीरे-धीरे खत्म होते जाएंगे ! इसलिए आप सभी से हाथ जोड़कर अनुरोध हैं कि इस समाज में शिक्षा के आयोजन अवश्य करवाएं ! अपने से आगे पढ़े हुए लोगों का समाज में आयोजन कार्यक्रम करवाकर समाज के प्रति शिक्षा का स्तर ऊंचा बढ़ाएं !
लोगों को किस- किस क्षेत्र में आगे जाना हैं! शिक्षा के क्षेत्र में वह जो शिक्षक हैं उन लोगों से प्रशिक्षण लीजिए , उनका साक्षात्कार करवाइए और उन्हें बताइए कि यह लोग जिस परिस्थितियों से पढ़कर आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं उनकी कहानी सुनो , आप अपने आप को सकारात्मक ऊर्जा में ढालते हुए उसी लक्ष्य की ओर चल पड़े ! अपने गांव में अपने ब्लॉक स्तर पर अपने जिला स्तर पर अपने ! बुद्धिजीवियों और समाज में जो शिक्षित लोग , सफल लोग हैं, उनका प्रोग्राम अवश्य करवाइए ताकि समाज को नई दिशा मिल सके किस राह में जाना हैं वह उन्हें पता चल सके !
शिक्षा के क्षेत्र में कैसे अपने भविष्य बनाना हैं वह पता चल सके ! मुझे जहां तक पता है गांव में या यह ऐसा नहीं होता हैं क्योंकि मैं खुद एक गांव से हूं और मेरे गांव में आज तक ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया हैं ! जिसमें यह बताया जाए कि जीवन में कैसे आगे बढ़ना हैं किस क्षेत्र में शिक्षा के प्रति हम अपना भविष्य बनाएं ! कोई मोटिवेशनल कार्यक्रम कभी नहीं हुआ हैं मेरे ही गांव की क्यों बात करो न जाने ऐसे कितने गांव होंगे जहां पर ऐसे कार्यक्रम कभी नहीं हुए हैं ! और शिक्षा सबसे पहले गांवों को अति आवश्यक है पिछड़े हुए लोगों को उनका सहयोग हमेशा देना चाहिए और इस शिक्षा की प्रगति में कदम से कदम मिलाते हुए हमें राष्ट्रीय स्तर पर ले जाना हैं !
कम से कम अपने गांव के जितने भी शिक्षकगण हैं उनसे मैं हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहता हूं कि आप कैसे आपके क्षेत्र में सफल हुए हैं इसके बारे में अपने स्कूल के समय जब आपका स्कूल का समय खत्म होने के उपरांत जो समय बचता हैं उसके पश्चात विद्यार्थीगण का समूह एकत्रित करके उनको प्रेरित करें उनको प्रेरणा दें कि किस क्षेत्र में आगे जाएं और आपके यह छोटे छोटे कदम राष्ट्र निर्माण में बहुत बड़े भागीदार हैं ! इसलिए ऐसे महान काम करने में कभी पीछे मत हटना ! शिक्षा के महत्व को भली-भांति प्रत्येक विद्यार्थी समझे और किस जगह क्या बोलना , क्या करना चाहिए , क्या समझ रखनी चाहिए , इन सब का व्यवहारिक ज्ञान होना अति आवश्यक हैं !

संस्कारों से बंधे रहिए यही एक सर्वोत्तम राष्ट्र निर्माण का भाग्योदय करें! नशे से दूर रहें बुरी आदतों से बचे सकारात्मक लोगों के साथ दिन-ब-दिन जुड़ते जाइए और समाज की प्रगति के हित में सोचते रहिए ! अपने क्षेत्र में शिक्षित लोगों से मिलते रहिए ! उनसे सलाह लेते रहिए यकीनन यह कदम हमारे लिए बहुत ही कारगर हैं हमारे भविष्य के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं! इसलिए शिक्षा के प्रति अपना जुनून कभी कम मत होने देना ! यह ऐसा समंदरूपी संचार हैं जितना गोता लगाओगे उतना ही ज्यादा आनंदित होते रहोगे !
लोगों के साथ हमारे जब व्यवहार होता हैं तब सही मायने में हमें पता चलता हैं कि मेरे हित में हैं ! हमें बहुत सारे अनुभव लोगों से बातचीत करने पर पता चलता हैं समझ में आता हैं इसलिए जब भी मौका मेरे अपने गुरुजन अपने से जो बुद्धिजीवी लोग हैं !उनके साथ अपना समय व्यतीत करें ताकि आपको जीवन के बारे में बहुत सारी ऐसी चीजें सीखने को मिलेगी ! जो यकीनन आपकी प्रगति में बहुत काम आएगी। मेरे इस अनुच्छेद पढ़ने के बाद अगर 10 लोगों के बीच समझ में आता है तो मैं मान लूंगा कि मैं बहुत ही खुशकिस्मत हूं भाग्यशाली हूं कि मैंने लोगों की मदद में अपना योगदान दिया हैं! जहां तक मेरा सवाल है मैं जितना होगा उतना जरूर शिक्षा के प्रति में सर्वोच्च योगदान दूंगा !
और मेरा तो यही काम है "पहले शिक्षा पहले राष्ट्र" इसलिए जिस किसी को भी बुरा लगा हैं उन्हें मैं क्षमा चाहता हूं की मेरा मतलब सिर्फ और सिर्फ समाज में शिक्षा के महत्व को समझना हैं और शिक्षा की हकीकत समझते हुए हमें एक नए समाज का निर्माण करना हैं! इसलिए मैं अपनी प्रतिक्रिया दे रहा हूं ! लोगों को लग रहा है बकवास कर रहे हैं कोई काम की बात नहीं है खाली समय व्यर्थ कर रहा हैं तो मैं आपकी सोच को सलाम करता हूं ! आपकी सलाह और ज्ञान को तहे दिल से स्वागत करता हूं !अगर लगता है कि बेवकूफी भरे अनुच्छेद लिख कर अपनी खुद की वाहवाही लूट रहा हैं तो अभी आपकी सोच को सलाम हैं! और आप के संस्कारों को सलाम है !
अगर मेरी बातें दिल को छू जाती हैं दिल में घर करती हैं तो एक अपना सुझाव जरूर दे दीजिएगा कि मुझे आपका अनुच्छेद अच्छा लगा मुझे आपके अनुसार से कुछ तो प्रेरणा मिली ! तो मैं खुद को भाग्यशाली समझूंगा !
अगर किसी के मन को ठेस पहुंची है और बहुत ही ज्यादा बुरा लगा है तो मैं क्षमा चाहता हूं ! और किसी के मन में मेरे प्रति द्वेष भरा है और जो नहीं चाहते हैं कि ऐसे काम समाज में हों और ऐसे काम नहीं करना देना हैं ! और मैं तो काम करूंगा भी नहीं तो कैसे बदलाव करेगा ! तो मैं एक ही बात कहना चाहूंगा आपके एक कहने से मेरा काम रुकेगा नहीं एक कदम बढ़ा लूंगा तो 100 लोग साथ चलेंगे अच्छे कार्य के लिए करता रहूंगा और करूंगा भी यही मेरा कर्तव्य हैं!
और अगर इसके बाद भी आपको और कुछ कहना चाहते हैं या फिर मेरी बुराई करना चाहते हैं तो आपकी सोच को मैं सलाम , सलाम , सलाम करता हूं !
धन्यवाद आप सभी का
लेखक श्रवण कुमार सुथार







Shi bat h sir...... education ki imp society me bht dikhai dti h....hame zrurt h isk liye awareness create krne ki
ReplyDeleteThank you
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