मतदान का महत्व
नमस्कार मेरा आज का विषय हैं " मतदान "
वोट नाम सुनते ही आपके दिमाग में कुछ जरूर आया होगा !
पहले हमारा वोट मताधिकार हुआ करता था कि, हमें मत देने का अधिकार हैं और हमें अपने अपने मत का किस प्रकार उपयोग करके हम एक अच्छा प्रतिनिधि चुने जो हमारे संसद भवन में या फिर विधानसभा में बैठकर अपने विकास की गति को एक नई दिशा दें ! मगर अभी वह मता अधिकार नहीं रहा हैं! अब हो गया हैं मतदान कहने का मतलब हैं कि आप अपने मत का दान कीजिए! इस देश हित के लिए इस बात को नकारात्मक लेने की कोई आवश्यकता नहीं हैं !
वोट क्या हैं मतदान क्या हैं इस पर हम जानेंगे !
हम अपने मत देख कर आगे किस प्रतिनिधि को भेज भेजते हैं यह जिम्मेदारी हमारी होती हैं वोट का साधारण सा मतलब होता हैं, कि हम अपना सहयोग देकर किसी एक प्रतिनिधि को इस देश की गतिशील राजनीतिक में एक नई दिशा देने का अवसर देते हैं ! और उसे आगे भेज कर हमारे विकास की गति को सुचारू रखने के लिए हमारा पक्ष देख कर उस प्रतिनिधि को हम अपना प्रतिनिधि मानते हैं मगर हम कहीं बार अनजाने में या लालच में अपने मतदान का गलत उपयोग अवश्य कर लेते हैं ! जिसकी वजह से हमें आने वाले 5 वर्षों तक बहुत सारी कठिनाओं का सामना करना पड़ता हैं ! हमारे विकास की सारी गति रुक जाती हैं और हमें कोई भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता हैं क्योंकि हमने विकराल मानसिक और अनपढ़ व्यक्ति को सत्ता में भेज दिया हैं ! फिर उनकी वजह से अपने मतदान के साथ खिलवाड़ किया हैं ! अपने मतदान का सही उपयोग नहीं किया हैं जहां तक बात होती हैं पढ़े-लिखे इंसानों की तो हमें यह कतई नहीं बोलना चाहिए कि हम किसे अपना मत दे रहे हैं, वह प्रतिनिधित्व आपके कार्य करने योग्य हैं या नहीं !
वह प्रतिनिधि व उम्मीदवार आपके विकास के लिए और आपके पक्ष के लिए हमेशा खड़ा रहेगा इस समझ को हम भुलकर धार्मिक विचारधारा या फिर हम किसी के बहकावे में आकर भी उन्हें थे और उनका खामियाजा हमें आने वाले 5 वर्षों तक भुगतना पड़ता है अधिकार से मतदान में तो परिवर्तन हो गया है अब हमारी नैतिक जिम्मेदारी होती हैं कि हम किस प्रकार से अपने मतदान का उपयोग करके अपने भविष्य के लिए अपने देश अपने राज्य के हित के लिए ! ऐसे उम्मीदवार जिसकी पृष्ठभूमि ऐसे ही उत्तम उम्मीदवारों को विधानसभा की आवश्यकता हैं! क्योंकि ऐसे व्यक्ति अपने समाज के प्रति जागरूक रहेंगे !
उम्मीदवार के क्या फर्ज होते हैं !
उम्मीदवार को कतई यह नहीं भूलना चाहिए कि मैं जिस जगह से जिस राज्य से जिस विधानसभा क्षेत्र से अपनी जीत के लिए इन मतदान का उपयोग ले रहा हूं ! उनकी आवश्यकता के अनुरूप मुझे हर हाल में इनके समक्ष खड़ा रहना चाहिए ! अपनी खुद की झोली ना भरते हुए अपने देश हित में अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए! और अपने विकास के क्षेत्र को और तीव्र गति से आगे बढ़ा कर अपने राज्य अपने विधानसभा क्षेत्र और अपने संसद का नाम रोशन करें ! उम्मीदवार का दायित्व होता हैं कि जनता के समक्ष हर हाल में खड़ा रहें, उनकी हर प्रकार की समस्या का समाधान दें भ्रष्टाचार मुक्त अपने विधानसभा क्षेत्र को करें, या अपने किसानों के हित की रक्षा करें ! रोजगार के अवसर को सृजीत करें और अन्य कई प्रकार की योजनाओं का लाभ दिलवाकर अपने विधानसभा क्षेत्र का नाम और ऊंचा करें ! लोगों के हित की योजनाओं पर अमल करें, विचार करें,उनके प्रति हमेशा उनका रवैया मर्यादा भरा हों !
अपने राज्य में भ्रष्टाचार की संख्या को कम किया जाए, बलात्कार जैसे अपराध ना हो, जुआ जैसे अपराध ना हो, बहुत सारे काम होते हैं जो एक सच्चे और ईमानदार उम्मीदवार को हमेशा अपने राज्य के हित में करने चाहिए ! अपनी उम्मीदवारी का दिखा नहीं करना चाहिए आज की व्यवस्था इसके बहुत ही उल्टा जा रही हैं विकास के नाम पर वोट को जरूर लिए जाते हैं मगर विकास का नाम तक नहीं दिखता हैं! विकास का नाम हमें अक्सर कागजों में देखने को मिल जाता हैं! हम यह नहीं कहते कि सारे उम्मीदवार एक जैसे ही होते हैं ! मगर हां उम्मीदवार अगर अपना फर्ज अच्छे से निभाए तो जनता के दायित्व को नहीं, अपने वोट की मर्यादा को बनाएं रखें तो यकीनन आपका राज्य बहुत ऊंची तरक्की करेगा ! देश के नामचिन्ह राज्यों की सूची में शामिल हो जाएगा यह एक उम्मीदवार के लिए अति महत्वपूर्ण लक्ष्य होने चाहिए !!
जनता का फर्ज
जनता को अक्सर यह देख कर ही वोट देना चाहिए कि हम किस व्यक्ति के किस पृष्ठभूमि के उम्मीदवार को हम अपना वोट दे रहे हैं ! और वह अपने हित में कैसा हैं, उसकी अपराधिक पृष्ठभूमि कैसी है, या मानसिक विकराल बुद्धि का नहीं हैं इस जांच पड़ताल के बाद ही अपने वोट को उस उम्मीदवार के पक्ष में देना चाहिए ! और ऐसे उम्मीदवार को सुनना चाहिए, जो हर पल, हर वक्त ,आपकी हर समस्या के समाधान के वक्त आपके साथ खड़ा हो ! आपकी तकलीफ को खुद की तरह कि समझे !
ऐसे उम्मीदवार को आपको हमेशा आगे जीता कर भेजते रहना चाहिए ! वही आपके सच्चे हितकारी होंगे, हम बहुत सारी ऐसी कि गलतियां कर देते हैं ! हम सिर्फ चेहरा देख कर ही अपना वोट दे देते हैं ! या धार्मिक परंपरा में घुसकर वोट दे देते हैं ! मगर यह सही नहीं है क्योंकि आप अपना वोट दे रहे हैं वह ईमानदार और काबिल व्यक्ति हो तो आपको हमेशा तरक्की की राह मिलेगी ! अपने विकास के लिए आपके सुख सुविधाओं के लिए, आपको अच्छी सुविधाएं मिले, अच्छी आपको योजनाएं मिले, इसलिए आप एक ऐसे उम्मीदवार को चुनें जो आपकी समस्याओं का समाधान करें, आप के विकास की गति में और गति दें, इन सब बातों को ध्यान रखकर ही हमें अपना मतदान करना चाहिए और मतदान में अपना पूरा पूरा योगदान दें !
जो भी व्यक्ति इस सीमा के अंदर आता हैं उसे अवश्य प्रदेश के महापर्व में अपना योगदान देना चाहिए ! यह आपके भविष्य के पांच वर्ष तय करता हैं ! इसलिए ज्यादा प्रचार करके इस महोत्सव में भाग लेना चाहिए ! खुद को जागरूक नागरिक मानते हुए अपने उम्मीदवार को विजय बनाकर अपने विधानसभा क्षेत्र, संसद क्षेत्र,में जाने हेतु अपना योगदान अवश्य दें !
मेरा या लेख किसी भी राजनीतिक पार्टियों की आलोचना करने की नहीं हैं ! जागरूक नागरिक का यह फर्क होता हैं कि वह अपना वोट देने से पहले अपने उम्मीदवार के बारे में कुछ जाने और कैसे उम्मीदवार आते हैं कैसे नहीं आते हैं यह सब जांच पड़ताल करने के बाद ही अपना मतदान देना चाहिए, और देश के विकास की इस लहर में गोता लगाना चाहिए मेरा उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना कतई नहीं था यह सिर्फ एक जागरूकता के लिए लिखा गया लेख हैं! अगर किसी को बुरा लगा हैं तो क्षमा करें !
धन्यवाद
जय हिंद
लेखक श्रवण कुमार सुथार
Bht shi kr rhe ho sir..... awareness bht kam h hmare desh me....bht acha kam kr rhe ho
ReplyDeleteMast
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