तनाव से मुक्त कैसे हो

 नमस्कार आज का विषय हैं " तनाव "

​तनाव हमेशा से हमारे जीवन का हिस्सा रहा हैं। इस व्यस्त समय में लोग तेजी से तनावपूर्ण जीवन जी रहे हैं।  विशेषज्ञों का कहना हैं कि थोड़ा तनाव तो अच्छा हो सकता हैं ! यह आपको तेज़ और आगे बढ़ने के लिए तैयार रखता हैं, और कभी-कभी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण होता हैं।  हालांकि, चिकित्सा अनुसंधान ने बताया कि लंबे समय तक तनाव शरीर के लिए अत्यधिक खराब माना जाता हैं! और यह शरीर की मरम्मत, पुन: उत्पन्न करने और खुद को बचाने की प्राकृतिक क्षमता में हस्तक्षेप करता हैं।  90% से अधिक बीमारियां तनाव के कारण उत्पन्न होती हैं! तनाव शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से एक प्रतिक्रिया हैं! इससे पुरानी बीमारी, मोटापा, अनिद्रा, बिगड़ते रिश्ते, अवसाद जैसे हालातों का सामना करना पड़ा सकता हैं !

तनाव इतनी शक्तिशाली और हानिकारक शक्ति हैं कि आपके लिए एक सफल, सुखी और स्वस्थ जीवन को प्रभावित करता हैं! तनाव प्रबंधन तकनीकों को सीखना महत्वपूर्ण हैं ! हमें याद रखना चाहिए कि हम हमेशा उन अपरिहार्य कारकों का सामना करेंगे जो हमें दबाव और चिंता का कारण बनते हैं ! हम यह नहीं जानते कि समस्याओं से निपटना इतना कठिन नहीं है, लेकिन उनके प्रति हमारी प्रवृत्ति होती हैं! तो मूल रूप से तनाव का कारण हमारे जीवन में बहुत कुछ परिवर्तन हो जाता हैं, यह सब तनाव की वजह से होता हैं तनाव कभी-कभी हमारे ऊपर इतना प्रभावित हो जाता हैं ! कि हम उसे समझ नहीं पाते हैं और वह अपना घर कर जाता हैं तनाव से राहत पाने के लिए हमें ऐसी प्रतिक्रिया करनी चाहिए जिसकी वजह से हम तनाव से मुक्त हो सके और एक आनंदमय जीवन जी सके ! तनाव से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका क्या है?

तनाव से निपटने के लिए कुछ मददगार मुख्य बिंदु पर विचार करें ! यह हमारे तनाव से राहत देने में हमारे लिए सिद्ध साबित होंगे !

      1. पहचानें कि तनाव क्या आपको तनावपूर्ण और असहज बनाता हैं,अपने तनावपूर्ण अनुभवों की सूची बनाइए सारे अपने अनुभवों को लिखिए जो आपको तनाव के दौरान हुए थे ! उन मुद्दों से शीघ्रता से निपटें जिन्हें आप बदल सकते हैं, उदाहरण के लिए सुबह जल्दी उठना, काम के लिए जाना,  सुबह जल्दी उठकर दौड़ने के लिए निकलना, आखिरी मिनटों तक इन चीजों को नहीं छोड़ना, और यदि आप हर चीज की जिम्मेदारी लेते हैं, तो कार्य करते हैं! ट्रैफिक जाम में फंसने या लिफ्ट पर न चढ़ने जैसी समस्याओं को भूल जाइए क्योंकि आपके लिए इसकी जगह नहीं है।

      3. यह बीत जाएगा और इससे पहले कि आप इसे जानें, यह समाप्त हो जाएगा! अपने आप को याद दिलाएं कि तनावपूर्ण घटना जल्दी या बाद में समाप्त हो जाएगी, जिससे आप चीजों के सकारात्मक पक्ष को देख पाएंगे।  साथ ही, अपनी भावनाओं को शांत करें और सोचें कि जो सबसे अच्छा हैं उसे और अच्छा करके अपने वापस पहले के रूप में आ जाए अपनी उर्जा को सकारात्मक दिशा में प्रवेश करने की कोशिश करें !

      4. अपने आप को जानो।  अपने आप से पूछें: आपकी चिंता का कारण क्या है?  उदाहरण के लिए, यदि यह आपका काम है, तो शायद यह आपके लिए पुनर्विचार करने का समय हैं, कि क्या कम तनावपूर्ण नौकरी ढूंढना सबसे अच्छा हैं ! आप अपने आप को जितनी जरूरत हो उतनी छुट्टी या छुट्टी देकर आप अपने काम को और अधिक सरल बना सकते हैं, और अपना समय का सही उपयोग करके आप वापस मूल अस्तित्व में प्रवेश कर लेंगे यही आपके लिए सबसे कारगर उपाय होगा ! 

      5. अपनी सहज प्रतिक्रिया का उपयोग करना सीखें।  जिस तरह हम सभी तनाव के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं, उसी तरह हमारी भी विपरीत प्रतिक्रिया होती है, जो विश्राम की प्रतिक्रिया हैं, इसे नियमित रूप से समय मिलना चाहिए ! विश्राम प्रतिक्रिया में दो चरणो में शामिल हैं।  दोहराव, दोहराव एक शब्द, ध्वनि, अभिव्यक्ति, या दोहराव वाला आंदोलन हो सकता हैं ! दूसरा कदम यह हैं कि दोहराते समय आपके दिमाग में आने वाले अन्य विचारों को अनदेखा करें और दोहराने पर वापस आ जाएं ! इस प्रयोग का इस्तेमाल दिन में एक या दो बार लगभग २० मिनट के लिए किया जाना चाहिए ! आपके लिए अति उपयोगी होगा और आपको आरामदायक की स्थिति भी उत्पन्न करवाएगा ! चुपचाप बैठो और उचित दोहराव चुनें, जैसे प्रार्थना, ध्वनि ओम, संगीत सुनें योग की मुद्रा में बैठे या फिर आपकी पसंदीदा कोई भी भजन कीर्तन सुने! या आप दोहराए जाने वाले व्यायाम कर सकते हैं, उदाहरण के लिए योग, जॉगिंग, दौड़, अतिरिक्त दोहराव वाली गतिविधियां बुनाई इत्यादि ! जब आप इसे अपने दैनिक जीवन में शामिल करते हैं, तो आप शांत हो जाते हैं और तनाव से निपटने में अधिक सक्षम हो जाते हैं! अभ्यास परिपूर्ण बनाता हैं और जितना अधिक आप अभ्यास करते हैं जितना अधिक आप अपने दिमाग को आराम देते हैं, उतना ही आसान हो जाता हैं , इसलिए तनाव से हमेशा अपने खुद को बचाए रखें और तनाव से बचने के उपाय हेतु अपने आप को नियमित रूप से उसके प्रति समर्पित कीजिए और उनके तहत तक जाकर अपने स्वास्थ्य और अपने मानसिक स्थिति को एक नई स्थिति प्रदान करने का प्रयास करें!

     6. मानसिक स्तर को ज्यादा तनाव में ना डालते हुए खुद को सूर्य उदय होने से पहले आपको अपने बिस्तर को छोड़ देना चाहिए, और गुनगुना पानी पीना चाहिए अपनी मानसिक स्थिति पर ज्यादा दबाव ना डालते हुए आप अपने आप को शांत बनाए रखें और इन प्रयोगों का इस्तेमाल करते रहिए ! आपके मन में जो भी आपको खुशी देने योग्य साधन हो उनका भरपूर उपयोग कीजिए ! अपने मन में कोई ग्लानि मत रखें जिसकी वजह से आपकी मानसिक स्थिति और बदले और तनाव का असर आप पर हावी हों !

 तनाव का वास्तविक कारण वे समस्याएं नहीं हैं जिनका आप सामना करते हैं या आपके जीवन में नकारात्मक अनुभव हैं;  लेकिन उनके प्रति आपका रवैया हैं !  अपने दृष्टिकोण को बदलने और आराम की स्थिति विकसित करने की आवश्यकता है, क्योंकि आप एक ही समय में तनावग्रस्त और तनावमुक्त नहीं हो सकते हैं ! यह समझना महत्वपूर्ण हैं कि हम जिस पर ध्यान केंद्रित करते हैं उसे सक्रिय करते हैं ! जितना अधिक आप उन कारकों के बारे में सोचते रहेंगे जो आपके तनाव का कारण बनते हैं, आप उतनी ही अधिक ऊर्जा उसमे देते हो ! इसलिए यह महत्वपूर्ण हैं कि जाने दिया जाए और इसके बजाय आराम पर ध्यान केंद्रित किया जाए !  नतीजन आपको तनाव से परेशान होने की संभावना कम होती हैं, और इससे हानिकारक प्रभाव होने की संभावना कम होती हैं ! आखिर यह आपकी मर्जी हैं ! आप या तो उसी तनाव का जवाब देना जारी रख सकते हैं, या आप अपना दृष्टिकोण बदलकर और कम आरामदेह बनकर अपने जीवन को बेहतर बनाना चुन सकते हैं ! अभी से आगे या आपके खुद के ऊपर निर्भर करता हैं कि आपको किस हद तक जाना चाहिए, और अपने आप के प्रति कितना सजग रहना चाहिए यह सारी व्यवस्था आपकी मानसिक स्थिति पर निर्भर करेगी और आप इसके प्रति अपने आप को किस रूप तक डाल सकते हैं यह आपके ऊपर निर्भर रहेगा !

जय हिंद

लेखक श्रवण कुमार सुथार 

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