​जलवायु परिवर्तन ( climate change )

 ​जलवायु परिवर्तन ( climate change )


आज हम इस विषय पर बात करेंगे जो सबसे महत्वपूर्ण हैं, वह हैं अपना जलवायु परिवर्तन यह कैसे परिवर्तन होता हैं ! भारत पर इसका क्या प्रभाव हैं ! और वैश्विक तौर पर इसकी क्या भूमिका हैं !

जलवायु परिवर्तन आमतौर पर आपने हर बार आए दिन समाचार पत्र और टीवी पर जरूर देखा होगा जलवायु परिवर्तन होता कैसे हैं और यह किन कारणों से होता हैं !


जलवायु परिवर्तन एक निश्चित समय के औसत में परिवर्तन आता हैं तो उसे जलवायु परिवर्तन कहते हैं !

जब किसी क्षेत्र विशेष औसत मौसम में परिवर्तन आता हैं उसे हम जलवायु परिवर्तन कह सकते हैं !

जलवायु परिवर्तन को हम एक विशेष स्थान पर भी महसूस कर सकते हैं और वैश्विक स्तर पर भी, वर्तमान की अगर बात करें तो यह सारे विश्व में एक ही समान दिखाई दे रहा हैं !

पृथ्वी पर अध्ययन कर रहें वैज्ञानिकों का मानना हैं कि हमारा जलवायु परिवर्तन हर रोज बदल रहा हैं उसमें नए नए परिवर्तन आ रहे हैं यह सब आने की वजह क्या हैं, इसके मुख्य कारण क्या हैं ! 

जलवायु परिवर्तन के कारण कौन-कौन से हैं आइए हम विस्तार से जानते हैं !


1.प्राकृतिक गतिविधियां

2.मानवीय गतिविधियां

1.प्राकृतिक गतिविधियां अब हम जानते हैं कि प्राकृतिक गतिविधियां किस प्रकार से जलवायु परिवर्तन में अपनी भूमिका निभाती हैं !

1.महाद्वीपीय संवहन महाद्वीपीय संवहन से मतलब हैं कि प्राकृतिक समुंद्र का स्तर में परिवर्तन होना जैसे कि समुंदर का विस्तार होना और भूमिगत प्लेटो का एक दूसरे के रूप में परिवर्तन होना जैसे जैसे परिवर्तन होते हैं भूमिगत प्लेटो में परिवर्तन होता हैं ! जिसकी वजह से एक दूसरे के बीच में फासला बढ़ता जाता हैं एक दूसरे महाद्वीपीय का एक दूसरे से अलग होना ही महाद्वीपीय संवाहन हैं, क्योंकि पृथ्वी में सब महाद्वीप एक दूसरे से जुड़े हुए थे धीरे-धीरे समय की गति बढ़ती गई और यह एक दूसरे से अलग होते होते गए जैसे कि एशिया महाद्वीप, अफ्रीका महाद्वीप, उत्तरी अमेरिका महाद्वीप, दक्षिण अमेरिका महाद्वीप, ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप, इत्यादि का विकास होना !


2.ज्वालामुखी विस्फोट हमने समाचार पत्र में अवश्य सुना होगा कि ज्वालामुखी विस्फोट होती हैं, तभी हमारे जलवायु परिवर्तन में बहुत सारे परिवर्तन आते हैं ! क्योंकि जब भी ज्वालामुखी विस्फोट होती है तो भिन्न भिन्न प्रकार की गैसों को बाहर निकालता हैं जैसे कि कार्बन डाइऑक्साइड,सल्फर डाइऑक्साइड , जलवाष्प आदि धूलकण वायुमंडल में उत्सर्जित होते हैं जिसके कारण से सूर्य का प्रकाश समतापमंडल पर जाके फैल जाते हैं और सुर्य के प्रकाश को आने मैं देर होती हैं जिससे पृथ्वी पर अंधेरा होने लगता हैं, वायुमंडल पर तापमान घटने लगता हैं जिसकी वजह से भी जलवायु परिवर्तन होती हैं


2 मानवीय गतिविधियां

1.शहरीकरण

मानवीय गतिविधियों की बात करें सबसे पहले शहरीकरण का नाम आएगा क्योंकि भारत जैसे देश में शहरों का विकास तीव्र गति से हो रहा हैं विकासशील से विकसित की ओर बढ़ रहे भारत में शहरीकरण का अहम योगदान हैं इस योगदान की वजह से ही हमारे भारत देश की जलवायु परिवर्तन काफी हद तक परिवर्तित हुई हैं ! शहरीकरण इसमें किस प्रकार की भूमिका अदा करता हैं हम उस पर भी बात करेंगे जिस प्रकार आज शहरों का विकास हो रहा हैं ! हम आए दिन प्राकृतिक आवासों का विनाश करते जा रहे हैं जैसे कि वनों का कटाव,शहरों का विकास करने के लिए आसपास के बंजर भूमि को हम निम्न प्रकार की इमारतों से एक नया रूप देने का कोशिश कर रहे हैं जिसकी वजह से आए वर्ष लाखों इमारतों का निर्माण होता हैं, जिनकी वजह से जलवायु परिवर्तन में बहुत ही ज्यादा योगदान रहता हैं जब इमारतों का निर्माण होता है तो वनों वनों की कटाई का सिलसिला चल पड़ता हैं यह एक महत्वपूर्ण कारक हैं जलवायु परिवर्तन में !

2. वनों की कटाई आए दिन हम वनों की कटाई करते जा रहे हैं जिसकी वजह से प्राकृतिक आवास से धीरे-धीरे नष्ट हो रहा हैं भारत सरकार के द्वारा नई पहल में घोषित किया कि 2030 तक हम के 33% वनों बढ़ोतरी करेंगे ! विकास के नाम पर वनों की कटाई अंधाधुन के चला रही हैं हम जितनी ज्यादा मात्रा में वनों को काटेंगे उतने ही ज्यादा प्राकृतिक परिवर्तन हमें देखने को मिलते रहेंगे इसके जिम्मेदार हम स्वयं खुद हैं ! हम वनों की महानता को जानते हुए भी उनको आवश्यकता से अधिक ही काट रहे हैं और इसका खामियाजा हमें हर बार भुगतना भी पड़ रहा हैं !

3. रासायनिक कीटनाशक एवं उर्वरकों का प्रयोग

हम आए दिन रसायनिक उर्वरकों का प्रयोग करते जा रहे हैं हम जैसे जैसे इनका प्रयोग करते हैं वैसे वैसे हमारा जलवायु परिवर्तन भी होता हैं ! हम जितनी मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करते हैं इससे हमारे प्राकृतिक आवास पर प्रभाव पड़ता हैं !

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वर्तमान में वैश्विक तौर पर बहुत सारी संस्थाएं काम कर रही हैं जो इस परिवर्तन में कुछ सुधार लाने के लिए दिन रात मेहनत कर रही हैं ! हमें भी जागरूक रहते हुए जलवायु परिवर्तन की महानता को समझते हुए इसका प्रचार करना चाहिए और लोगों को इसके बारे में बताना चाहिए ! जितना हो सके उतना हम प्रदूषण कम करें, पेड़ पौधों को कम काटे, अधिक मात्रा में पौधे लगाएं, और हरियाली को महत्व दें ! हमारा प्राकृतिक आवास सौंदर्य से भरपूर हैं इसकी महानता को हमें कम नहीं करना चाहिए इसके लिए जितना हो सके अपना योगदान देकर इसको और सौंदर्यमय बनाने की कोशिश करें !

धन्यवाद जय हिंद धन्यवाद 

मेरा लेख अगर आपको मोटिवेट करता हैं, जागरूकता देता हैं, तो इसे आगे अपने दोस्तों के साथ जरूर भेजें और जितना हो सके उतनी जागरूकता फैलाने की कोशिश करें ! मैं इसी मंच के माध्यम से लोगों में कुछ नए नए परिवर्तन लाने की कोशिश कर रहा हूं ताकि अपना देश हित में योगदान रहे और जागरूकता से स्वयं का विकास करें ! इसी आशा के साथ में अपनी वाणी को विराम देता हूं !


लेखक श्रवण कुमार सुथार

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