नियमित दिनचर्या और सकारात्मक ऊर्जा से अपने जीवन में हमेशा क्रांति आती हैं !

 नमस्कार

आज हम बात करेंगे अपने चेतन मन और अवचेतन मन की इनके जरिए हम अपने जीवन में किस प्रकार से क्रांति ला सकते हैं, और इनका उपयोग किस हिसाब से हम कर सकते हैं !

हमारे विचारों का आयाम इस प्रकार से बना हुआ हैं कि हम जो सोचते हैं उसे के अनुरूप हमारे जीवन में वह क्रियाएं होना चालू हो जाती हैं ! जैसी क्रिया होती हैं वैसी हमें तरक्की जीवन में दिखाई देती हैं ! 



1. चेतन मन और 2. अवचेतन मन। दोनों के कई और भी स्तर होते हैं। सम्मोहन के दौरान अवचेतन मन को जागृत किया जाता हैं। ऐसी अवस्था में मन की शक्ति को और अधिक तरीके से जाना जा सकता हैं ! मगर इस तकनीक का उपयोग हम किसी जानकार के अनुरूप ही करें तो बेहतर उपयोग रहता हैं क्योंकि उस वक्त वह सम्मोहनकर्ता के निर्देशों का ही पालन कर रहा होता हैं और जो जैसा उनको आदेश दिया जाता हैं उन्हें के अनुरूप अपने मन की गतिविधियां होने लगती हैं !

1. चेतन मन 

चेतन मन हम दैनिक जीवन में जो कार्य करते हैं खुली आंखों से देखे हुए हम जो भी काम करते हैं वह हमारा चेतन मन के उपयोग से होता हैं ! चेतन मन में हमारे दैनिक जीवन की जितनी भी गतिविधियां होती हैं हमारा खाना, पीना, उठना, बैठना, चलना, फिरना, यह सब हमारे सर चेतन मन के आयाम हैं ! इसी के विपरीत होता हैं हमारा अवचेतन मन !

2. अवचेतन मन

चेतन मन से अवचेतन मन कहीं गुना अधिक तरीके से काम करता हैं अगर इसकी जानकारी और सही अगर तकनीक का उपयोग किया जाए तो यह हमारे लिए क्या कुछ नहीं कर सकता हैं ! हम अपने जीवन में जितने भी बड़े काम करना चाहते हैं तो हम अपने अवचेतन मन की शक्ति से जरूर कर सकते हैं ! विज्ञान अवचेतन मन के ऊपर कितने सारे रिसर्च कर रहे हैं और इससे यह पता चलता हैं, कि अवचेतन मन कितना शक्तिशाली हैं, अगर हम इसका जरा सा भी उपयोग करना चाहें तो अपने जीवन में कितना बड़ा काम हम अवश्य कर सकते हैं ! मगर लोग इनका उपयोग करना नहीं जानते हैं !

 हमारे प्राचीन भारतीय संस्कृति में ऋषि-मुनियों के द्वारा अवचेतन मन के माध्यम से अपने जीवन को कितना ऊंचा तक बना दिया था और अवचेतन मन के जरिए ही आप अपने जीवन को एक नई दिशा दे सकते हैं !

अवचेतन मन की क्रिया का सही रूप से इनका उपयोग करें तो हमारे भीतर जितने भी शक्ति हैं हम उसका उपयोग सुचारू रूप से कर सकते हैं ! हमारा जीवन शरीर यह सब एक एनर्जी के आयाम हैं ! एनर्जी हर समय प्रकृति में विद्यमान होती हैं और इस एनर्जी के साथ हम जब तालमेल बिठाते हैं तो अपने जीवन में वह सारी घटनाएं होनी शुरू हो जाती हैं जिनकी हमने कभी कल्पना ही नहीं की थी ! क्या ऐसा वाकई हो सकता हैं ? नि:संदेह हो सकता हैं अगर हम अपने जीवन में अवचेतन मन की शक्ति के अनुरूप अपने जीवन में बदलाव लाना चाहते हैं तो यकीनन यह बदलाव आपके लिए सच साबित होंगे !

 अपने मन को किस प्रकार तैयार करें !

                           सबसे पहले अपने अवचेतन मन की शक्ति को जानना बहुत ही जरूरी होता हैं, अपना अवचेतन मन किस प्रकार से काम करता हैं ? और वह किस एनर्जी को अपने अंदर समाहित करता हैं यह देखना बहुत ही जरूरी हैं ?अपने अवचेतन मन में किस प्रकार से हम सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा देते हैं ? आज जो हम हैं वह उसी का रूप हैं ! हमने न जाने कितने ही अपने मन को ना बोलने वाले शब्द बोलकर हमेशा दु:ख पाया हैं, क्या यह हमने सही किया हैं ?

                          अपने मन में सकारात्मक विचारों को किस प्रकार से हम लाएं और उनके ऊपर किस प्रकार से काम करें यह जानना सबसे जरूरी होता हैं ? क्या अवचेतन मन हमारे लिए काम कर सकता हैं ? बिल्कुल कर सकता हैं ! अगर आप इसको सकारात्मक ऊर्जा या नकारात्मक ऊर्जा कोई भी देते हैं ! और कोई भी वाक्य इनके रूप में आप प्रस्तुत करते हैं तो यह उसे जल्दी ही पकड़ लेता हैं और उसके अनुरूप यह काम करना चालू कर देता हैं आप ना चाहते हुए भी अपने साथ बुरा या अच्छा करवा लेते हैं !

                            हमारे मन को न जाने कितने सारे विचार बोलते हैं विचारों के अनुरूप ही हमारा जीवन बदलता हैं आपने सुना होगा कि जीवन में जैसे आपके विचार होंगे वैसे ही आपका जीवन होगा, और जो जैसा सोचता हैं वह वैसा ही बनता हैं,, ऐसा क्यों कहा गया हैं ? इसके पीछे कुछ तो कारण होगा ? बिल्कुल इसके पीछे कारण हैं वह जानने की सबको जरूरत हैं अगर वह  कारण को नहीं जाना तो आप जीवन में यह नहीं जान पाओगे कि आपका अवचेतन मन किस प्रकार से आपके लिए काम करता हैं और आप इसका उपयोग कैसे कर सकोगे यह जानना सबसे जरूरी हैं !

                           ऐसा सुना होगा जीवन में कि आप जो भी बोलो शुभ शुभ बोलो ?इसका का क्या मतलब हुआ हैं ? क्या हमारे शुभ बोलने से शुभ होता है ? हमारी परंपरा में यह बात सही हुई हैं कि हमारे जीवन में हम जितने ज्यादा शब्दों का उपयोग करते हैं उसी का कारण अपने जीवन में, और बाहरी जीवन में हमें देखने को मिलता हैं, बाहरी जीवन का मतलब यह होता हैं कि, हमारे मन के विचार आंतरिक हैं और हम जब बोलते हैं और बाहरी  जीवन में भौतिक रूप से वह प्रकट होता हैं या अभी कोई भी चीज बोली हुई हमारे सामने सच साबित होती हैं तो यह वही बाहर ही प्रक्रिया !

बाहरी जीवन का बदलाव चाहते हैं तो पहले अपने आंतरिक जीवन में बदलाव करना बहुत ही जरूरी हैं, जो कि लोग नहीं करते हैं आप जितना ज्यादा अपने भाग्य को कोसते हैं, आप यकीनन यह गलती कर रहे हैं आप अपने भाग्य को कोसने के बजाय अपने मन को आप गलत संकेत दे रहे हैं और इसी गलत संकेत का असर आपके भौतिक जीवन पर होता हैं ! फिर कहते हैं कि मेरे साथ सबसे बुरा होता हैं, फिर कहते हैं मेरे साथ तो यही होता हैं, मेरा तो नसीब ही खराब हैं, यह कुछ नहीं हुआ हैं, यह सब एक एनर्जी का आयाम हैं और आपने एनर्जी इस प्रकार से उत्पन्न की हैं कि इसी एनर्जी ने आपके सामने वह सारी चीजें एकदम सच साबित कर दी हैं जो आप ही के द्वारा दी गई थी !

                           हम जिंदगी में न जाने कितने दिन, कितने घंटे, और कितने मिनट नेगेटिव विचारों को अपने मन में भरते हैं ! नकारात्मक ऊर्जा यह हमारे मन को एक प्रकार से संकेत देती हैं कि जैसा आप उसको संकेत देते वैसा ही आपके सामने प्रकट हो जाता है !

बहुत सारी रिसर्च से यह सामने आया हैं कि अवचेतन मन की शक्ति से आप अपने जीवन में एक नए प्रकार से क्रांति ला सकते हैं ! क्या यह सबके लिए उपयोगी हो सकती हैं ? बिल्कुल हो सकती हैं अगर आप अपने मन में सही सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं तो यकीनन यह आपके लिए अच्छा काम करेगी !

                       अपने मन को आप हर रोज सकारात्मक विचार से शुरुआत कीजिए आप अपने जीवन में जो भी लक्ष्य हैं आप उनको कागज पर अवश्य लिखें ? या अपनी एक अलग से नोटबुक तैयार कीजिए और उस नोटबुक में अपने जीवन के जितने भी महत्वपूर्ण लक्ष्य हैं उनको हर रोज लिखते जाइए ? आप कम से कम दिन में इसको तीन बार दोहराएं यह आपके जीवन में एक प्रकार से नई क्रांति ला देगा ! आप अगर इसका नियमित रूप से 21 दिन तक या फिर इससे भी ज्यादा आप प्रयोग करते हैं तो निश्चित रूप से आपके जीवन में वही सारी सकारात्मक चीजें अपने आप होने लगेगी जिसकी आपने इतनी बड़ी कल्पना की हैं ! 

आप उठते ही सबसे पहले अपने सबसे उत्तम और महत्वपूर्ण लक्ष्यों को एक नोटबुक में लिखते जाइए जब आप यह लिखते हैं तो आपके दिमाग को एक सकारात्मक संकेत मिलता हैं ! और यह संकेत बार-बार आप अपने दिमाग को देते हैं तो यह ब्रह्मांड में आपकी ऊर्जा के साथ तालमेल बैठता हैं ! और जिस प्रकार की ऊर्जा का संचार होता हैं आपकी उर्जा और ब्रह्मांड की ऊर्जा जब दोनों मिल जाती हैं तो आपके जीवन में चमत्कार होने लगता हैं ! यह ऐसा आपको लगता हैं मगर यह सब आपके विचारों के अनुरूप हुआ हैं यह कोई चमत्कार नहीं हुआ हैं क्योंकि आपने लगातार अपनी मेहनत की हैं ! आपने मेहनत में हमेशा यह चाहा कि मेरे जीवन में यह हो जाए, वो  हो जाए और आपने अपने दिमाग को सही संकेत दिया हैं और इसी दिमाग की शक्ति ने आपको ब्रह्मांड की शक्ति से मिला दिया हैं

                         जो आपके सामने आज प्रकट हो गया हैं यह प्रकाश आप अपने जीवन में चमत्कार ही समझिए कि किस प्रकार अवचेतन मन के जरिए आपने अपने जीवन में एक क्रांति ला दी है !

                         सकारात्मक विचार की उर्जा को जानने के लिए हमें सबसे पहले ऐसे सकारात्मक विचारों को अपने जिंदगी में उतारना हैं ! जिनका उच्चारण हम हर रोज करें नियमित रूप से करें अगर आप उद्योग करना चाहते हैं, अगर आप विद्यार्थी हैं, आप बिजनेसमैन हैं, अपने जीवन में तरक्की, धन, स्वास्थ्य, ख़ुशी, की आवश्यकता हैं तो उसका आप एक सकारात्मक विचार बनाइए और उस विचार को हर रोज आप अपने पुस्तक में लिखते जाइए ! आप पुस्तक में लिखते जाएंगे हर रोज लिखते जाइए, और उसका आप सुबह, शाम, और रात, को दिन में तीन बार उसको देखते जाइए, यह एक प्रकार से सकारात्मक ऊर्जा आपके मन में संचार करती रहेगी, और आपके मन को यह संकेत देती हैं कि किस चीज की आपके जीवन में सबसे ज्यादा अहमियत हैं और आपको इसकी सबसे ज्यादा जरूरत हैं ! आपके सामने बहुत ही जल्दी अपनी उर्जा के माध्यम से आपके समक्ष प्रकट करें !

                       इसलिए तो आप इस चीज को बार बार दोहरा रहे हैं बार-बार लिख रहे हैं आप बार-बार बोल रहे हैं !  वह बन गया, आज मैंने इतने पैसे कमा लिए, यह सारे आपके सकारात्मक विचार हैं जिस प्रकार से आप अपने विचार लिखते जाते हैं ! लिखने की भी एक अपनी शक्ति होती हैं आप जैसा जैसा लिखते जाओगे वैसे वैसे आपके दिमाग को शुभ संकेत मिलता रहेगा ! इसलिए अपने जीवन में हर रोज नियमित रूप से अपने लक्ष्यों को लिखें और उनका बार-बार मूल्यांकन करता रहें, यकीनन आपके सफलता में भागीदार होंगे !

इसलिए आप हमेशा अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा से भरे रहे, और सकारात्मक विचारों को अपने मन में पहुंचाते जाएं क्योंकि, जैसा आप सोचते हैं, वैसा ही आप बनते हैं, जैसा आपका विचार होगा वैसे ही आपकी खुद की प्रकृति होगी ! 

भले ही दुनिया को नहीं बदल सकते, मगर आप अपने  विचारों से अपने आप को बदल सकते हैं, और जब आप खुद बदल जाएंगे तो ऐसी ही दुनिया आप के अनुरूप बदल जाएगी ! इसलिए अपने सकारात्मक ऊर्जा का सही उपयोग कीजिए और इस ऊर्जा के माध्यम को अच्छे से समझ कर अपने जीवन में अच्छे कार्यों के प्रति लगाइए यकीनन आपके जीवन में एक क्रांति हो जाएगी !

धन्यवाद

 जय हिंद

लेखक श्रवण कुमार सुथार 

 

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