सकारात्मक विचारों की शक्ति और जीवन के बदलते आयाम
प्रेरणा के लिए आपको कुछ की आवश्यकता हो सकती हैं, यदि आप इस वर्ष पिछले वर्ष की लक्ष्य सूची का उपयोग कर सकते हैं क्योंकि यह उतना ही अच्छा हैं जितना कि नया। हम सभी प्रेरणादायक सोच से लाभान्वित हो सकते हैं, पिछले वर्ष की सूची के अनुसार इस वर्ष के नए अनुभव को अपनी जिंदगी में लाए और एक परिवर्तित जिंदगी के लिए तैयार करें खुद को ! प्रेरणादायक बातें हमेशा अपने लिए ज्ञान का उजाला होता हैं जो हमेशा सही रहता हैं आगे बढ़ने के लिए हमेशा प्रेरित करता हैं ! और अपने लिए आवश्यक होता हैं ऐसे विचारों को अपने जीवन में हमेशा उतारना चाहिए जो हमारे लिए हितकारी हों !
हम कैसे सीमित ज्ञान में पड़े हुए हैं ? बचपन में लेकर आज तक हमने जो भी देखा पड़ा सोचा समझा उसी के आधार पर अपने ज्ञान का विस्तार हुआ हैं और उसी ज्ञान के आधार पर हम सपने देखते हैं अपने विचार को डालते हैं !
जैसा हमने देखे हैं हमने अनुभव किया है उसी के अनुरूप आज भी हमारा जीवन हैं यह सारा जीवन अपने उस सीमित ज्ञान तक हैं, जो आपने अभी तक एकत्रित करके अपने अवचेतन मन में रखा हैं इसीलिए एक सीमित ज्ञान से हटकर आप कुछ और करें योग का सहारा ले नए-नए तरीकों का अनुभव करें यह आपके ज्ञान में वृद्धि करेगा !
मैंने आज तक जितना कुछ पढ़ा, और लिखा हैं उसी के आधार पर आज कुछ महापुरुषों के विचार आपके समक्ष रख रहा हूं जो हम हमारे पाठ्य पुस्तकों से पढ़ते हैं जो पुस्तक उनके जीवन के आधार पर होती हैं, उनसे पढ़ते हैं,उनके कुछ ऐसे विचार जो हमें हर हाल में प्रेरित करते हैं जिन्हें हम सभी मानते हैं और उनके ऊपर कई सारी पुस्तक लिखी गई हैं उन्हें के विचारों को हम अपने जीवन में कैसे उतारे और किस प्रकार अपने जीवन में उनका सदुपयोग करके हमारे जीवन को सही दिशा में ले जाए !
यह विचार हमारे दैनिक जीवन में हर रोज प्रयोग होते हैं हमें हर जगह लिखे हुए मिलते हैं ! हर न्यूज़ पेपर, पत्रिका, मैगजीन, पुस्तक, दीवारों, पर इत्यादि सब जगह से विचार हमें जरूर मिलते हैं ! मैं आज उन्हीं विचारों को आपके समक्ष रख रहा हूं और यह विचार किसके हैं उनके नाम भी लिख रहा हूं ताकि आपको उनके बारे में और जानने का अधिक मौका मिले !
"अपनी प्रतिष्ठा से अधिक अपने चरित्र की चिंता करें। आपका चरित्र वही हैं जो आप वास्तव में हैं जब आपकी प्रतिष्ठा वही होती हैं जो दूसरे आपके बारे में सोचते हैं।" - डेल कार्नेगी
"इंतजार मत करो, समय कभी भी 'सही' नहीं होगा। आप जहां हैं वहीं से शुरू करें और अपने निर्देशन में जो भी उपकरण हैं उन पर काम करें और जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे, बेहतर उपकरण उपलब्ध होंगे।" - नेपोलियन हिल
"कुछ लोग चीजों को वैसे ही देखते हैं जैसे वे हैं और कहते हैं, 'क्यों?' मैं कुछ ऐसा सपना देखता हूं जो कभी अस्तित्व में नहीं था और कहते हैं, 'क्यों नहीं?'" - जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
"एक छोटी सी परेशानी एक कंकड़ की तरह हैं। इसे अपनी आंखों के पास पकड़ो और यह पूरी दुनिया को भर देता हैं और सब कुछ ध्यान से बाहर रखता हैं। इसे एक निश्चित दूरी पर पकड़ो और इसे सही ढंग से परीक्षण और वर्गीकृत किया जा सकता हैं। इसे अपने पैरों पर फेंक दो और यह अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई देगा, जीवन की राह में एक और छोटा सा धक्का।"
"जबकि कोई भी पीछे जाकर एक नई शुरुआत नहीं कर सकता, कोई भी अभी से शुरू कर सकता हैं और पूरी तरह से नया खत्म कर सकता है।" - कार्ल बर्ड
"मैं आपको यह नहीं बता रहा हूं कि यह आसान होने वाला हैं - मैं आपको बता रहा हूं कि यह मूल्यवान होने जा रहा है" - आर्ट विलियम्स
रवैया "लोगों के बीच थोड़ा अंतर हैं, लेकिन यह छोटा अंतर एक बड़ा अंतर बनाता हैं। थोड़ा अंतर दृष्टिकोण हैं। बड़ा अंतर यह हैं कि यह सकारात्मक हैं या नकारात्मक।"
"दुनिया में कोई भी सही मानसिक दृष्टिकोण वाले व्यक्ति को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने से नहीं रोक सकता हैं; दुनिया में कुछ भी गलत नजरिए वाले लोगों की मदद नहीं कर सकता।"- थॉमस जेफरसन
"एक व्यक्ति अपनी स्थिति को सीधे नहीं चुन सकता हैं, लेकिन वह अपनी सोच चुन सकता हैं, और इसलिए परोक्ष रूप से, फिर भी निश्चित रूप से अपनी स्थिति को आकार दे सकता हैं।" — जेम्स एलेन
"लोग अक्सर वही बन जाते हैं जो वे मानते हैं कि वे हैं। अगर मैं अपने आप से कहता रहता हूं कि मैं एक निश्चित काम नहीं कर सकता, तो संभव है कि मैं वास्तव में इसे करने में असमर्थ हो जाऊं। इसके विपरीत, अगर मुझे विश्वास है कि मैं इसे कर सकता हूं, तो मुझे इसे करने में सक्षम होना चाहिए, भले ही मेरे पास यह पहले न हो।" - मोहनदास करमचंद (महात्मा) गांधी
ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हमी हैं, जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है। - स्वामी विवेकानन्द जी
यह विचार आपके जीवन में किस हद तक सफल साबित होंगे यह आपके ऊपर निर्भर हैं ! क्योंकि यह विचार सब ने पढ़ रखे हैं, सुन रखे हैं,आए दिन आप अपने फोन या फिर अपने पुस्तक, मैगजीन, या न्यूज़पेपर, में अवश्य पढ़ते हैं और आपको इनका ज्ञान जरूर होता हैं ! फिर भी यह विचार देने का उद्देश्य आपकी सोई हुई चेतना को कहीं फिर से जगाने में अगर कुछ भी योगदान करता हैं तो मुझे अच्छा लगेगा !
धन्यवाद जय हिंद
Bht achi bat likhi h
ReplyDeleteGreat
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