आत्म सुधार से जीवन में कैसे परिवर्तन लाएं,और किस हद तक हम परिवर्तन ला सकते हैं !
नमस्कार आज का मुख्य विषय हैं अपने जीवन में आत्म सुधार करके हम कैसे अपने जीवन को और बेहतर बना सकते हैं और इस बेहतर जीवन में हम कैसे बेहतरीन कार्य कर सकते हैं इन सब पर हम आज विचार विमर्श कर रहे हैं
किसी को कैसे पता चलेगा कि कोई आत्म-सुधार के लिए तैयार है? यह एक ऐसा प्रश्न है जिसका कोई निश्चित उत्तर नहीं हैं। यह कुछ हद तक व्यक्ति के स्वयं के ऊपर निर्भर करता हैं कि वह किस प्रकार से अपने आप को इस विषय की प्रक्रिया में डाल देता हैं आत्म सुधार की आत्मा कुंज में कैसे वह अपने आप को निकाल लेता हैं !
अधिकांश लोगों के पास लक्ष्य होते हैं और उन्हीं लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अपने साधन जुटाने लगते हैं, सपने या आकांक्षाएं होती हैं लेकिन यह नहीं पता कि उन्हें कैसे प्राप्त किया जाए। वे आत्म-सुधार और अपने आदर्श जीवन के बारे में सोच रहे होंगे, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि योजना कैसे शुरू करें और उन्हें लागू करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। सुधार की प्रक्रिया में अपनी योजनाओं का अत्यंत महत्व हुआ करता हैं, जिस प्रकार की आपकी योजनाएं होती हैं उसी प्रकार आप अपने आप को सुधार की प्रकृति पर आगे की ओर ले चलते हैं यह खोजना ही एक अपने आप में " तपस्या " हैं सही मायने में सफलता का पहला कदम हैं !
कुछ लोगों के पास आत्म-सुधार के बारे में विचार हैं। जो लोग मानते हैं कि अगर उनके पास अच्छी नौकरी, अच्छे अवसर, जीवन के लिए प्यार है, तो सब कुछ ठीक हो जाएगा और वे खुश रहेंगे। काल्पनिक विचार की प्रक्रिया सोचने से अगर बाहर से जीवन ठीक होता तो आज हर अमीर व्यक्ति अपने जीवन में अत्यंत खुश होता !
उन्हें लगता है कि उनकी खुशी या खुशी की कमी बाहरी कारकों से निर्धारित होती हैं और उनके विचारों और कार्यों का बहुत कम प्रभाव पड़ता है। यह विचारधारा कुछ हद तक अपने कार्य के प्रति सही तरीके से काम करने में सक्षम लग रही हैं ! बहुत से लोग मानते हैं कि वे जो चाहते हैं वह प्राप्त कर सकते हैं ! यदि उनके पास अधिक पैसा हैं,और आत्म-सुधार की ओर अधिक झुकाव हैं।
वे यह सोचने में बहुत कम समय लगाते हैं कि वे वास्तव में जीवन से क्या चाहते हैं, इच्छा शक्ति बहुत ही तीव्र होती हैं ऐसे लोग अपने जीवन में अपने मन के मुताबिक अपनी विचारधारा को बदलकर अपने कार्यों को बड़ी आसानी से सरल तरीके से करने में यकीन रखते हैं यह नियमित रूप से अपनी दैनिक दिनचर्या के अनुसार अपने विचारों का आदान-प्रदान अपने जीवन की ऊंचाइयों को प्राप्त करने में लगाने में अत्यंत विश्वास रखते हैं जो कि इनके सफलता का सबसे प्रमुख कारण बनता हैं !
दूसरों को यह भी नहीं पता कि वे वास्तव में अपने जीवन से क्या चाहते हैं और उन्हें वास्तव में क्या खुशी मिलती है। वे दिन-प्रतिदिन, सप्ताह दर सप्ताह, महीने दर महीने, और साल-दर-साल प्रवाहित होते हैं, और केवल हासिल करने से कहीं अधिक करते हैं। इस प्रकार की गलत तरीकों की खोज की वजह से अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते हैं ! अपने मन की स्थिरता को जानना, मन की शक्ति को जानना, उसके ऊपर अपने विश्वास को बनाए रखना, यह कार्य ही आपको सही मायने में आगे की ओर ले जाने में आपके प्रति वफादार होंगें !
सिर्फ सोचने मात्र से कुछ नहीं होता हैं उसके ऊपर आपको जरूरी काम भी करने होते उनकी नियमिता बनाए रखनी चाहिए ताकि आपके सारे काम आसानी से हो सके यह दोहराव प्रक्रिया से अधिक सही साबित होगा !
जिनके पास एक सुरक्षित नौकरी हैं और अपेक्षाकृत आरामदायक जीवन जीने के लिए पर्याप्त कमाई करते हैं। वह बहुत खुश हैं और उसे अभी अपने जीवन से कुछ भी पाने की कोई इच्छा नहीं हैं ! कार की संतुष्टि व्यक्ति के जीवन की परम आवश्यकता में से एक है यह संतुष्ट ही सही मायने में आपके जीवन की एक नई दिशा तय करती हैं आपकी खुशियों का आदर करती हैं आपके जीवन में हमेशा सत्कार होने लगता है संतुष्टि परम आवश्यक साधन के रूप में व्यक्ति को अपनाने चाहिए और अपने मन को अपने अधीन बनाए रखना संतुष्टि का परम लक्षण हैं !
क्या आत्म-विकास महत्वपूर्ण क्यों है और आत्म सुधार कैसे किया जाए आत्मा विकास की प्रक्रिया में किन किन बाधाओं के सामना करना पड़ सकता है कौन से आत्म सुधार आपकी जीवन के प्रति आपको अधिक ऊंचाइयों में ले जा सकते हैं !
वास्तविकता यह हैं कि हम अपने पूरे जीवन में लगातार विकसित हो रहे हैं। हालाँकि हम सचेत निर्णय नहीं लेते हैं, फिर तभी स्थिति हमें बढ़ने और विकसित होने देगी। स्थिति कोई भी हो मगर हम अगर उस पर सोच समझकर विचार विमर्श करें और उसके अनुसार निर्णय लें तो यकीनन अपने जीवन के लिए यह निर्णय बहुत सही साबित होगा क्योंकि इसमें आपकी विचारों की शक्ति काम कर रही हैं जो आपकी सफलता की राह में भागीदार बनेगी !
एक निश्चित उम्र तक, हम औपचारिक शिक्षा और आजीवन अनुभव के माध्यम से सीखते हैं। जीवन हम पर जो कुछ भी डालता है, हमें उसे सीखना चाहिए और उसका सामना करना चाहिए। हम सभी को आत्म-सुधार से गुजरना होगा। जीवन के इस पथ पर हमें आए दिन न जाने कितने संघर्षों का सामना करना पड़ता हैं !
जीवन में कभी दुख कभी सुख के बादल हमेशा अपने ऊपर छाहे रहते हैं फिर भी हमें इस बादलों की ओट में खोते हुए, उस सूरज के प्रकाश की किरणों की तरह अपने जीवन में निरंतर प्रकाश को भारते रहना हैं जो अपने लिए अत्यंत आवश्यक हैं ! जिसके बगैर हमारे जीवन में कोई उजाला ही नहीं हैं हम ऐसे कार्य को कतई छोड़ नहीं सकते हैं इसलिए अपने जीवन में हमेशा अनियमितता को बनाए रखें यह आपके लिए सबसे जरूरी साधन हैं !
लेकिन पहले से कहीं अधिक प्रतिस्पर्धा है, और हमेशा बदलती तकनीक का मतलब है कि 'जीवन के लिए नौकरियां' वास्तव में बहुत कम और बहुत दूर हैं। हम अपने करियर में अक्सर नौकरी नहीं बदलते हैं, क्योंकि एक ही समय में कोई भी अपनी नौकरी और कैरियर को बदल नहीं सकता हैं इसके लिए आपको नियमित रूप से अपने मानसिक विचारधारा पर नियंत्रण रखते हुए एक सही दिशा में उन विचारों को पक्का करना होगा कि आपको किस क्षेत्र में उन्नति चाहिए, और किस क्षेत्र के लिए आप उन्नति करना चाहते हैं ? आपके पास एक स्पष्ट और साफ दृष्टि होना बहुत ही जरूरी हैं तभी जाकर आपका सपना साकार होगा !
क्योंकि कार्यालय बहुत प्रतिस्पर्धी है, हर कोई उत्साही और सफलता का भूखा है, वे जानते हैं कि पैक से आगे रहने के लिए नए कौशल और ज्ञान कैसे सीखना है। इसे प्राप्त करने के लिए आत्म-सुधार की आवश्यकता है। ऐसी व्यवस्थित लोग हमेशा अपनी तरक्की का रास्ता स्वयं ढूंढ लेते हैं और अपनी सफलता का पर्चा चारों तरफ चला देते हैं ! इनको सही समय और सही ज्ञान और सही प्रक्रिया की विधि का पता होता हैं !
इसलिए ऐसे काम ही लोग होते हैं जो अपने जीवन में बहुत ऊंचे मुकाम को हासिल कर लेते हैं और बहुत ही ज्यादा तादाद में ऐसे लोग होते हैं जिनके लिए एक छोटी सी नौकरी पाना ही एक सबसे बड़ा सपना होता हैं दोनों के बीच में विचार प्रक्रिया का बहुत महत्व हैं !
ये वे लोग होते हैं जिनके पास अपनी नौकरी बनाए रखने या अपने चुने हुए क्षेत्र में आगे बढ़ने या विभिन्न कंपनियों या उद्योगों में तत्काल रोजगार पाने का अवसर होता है। इनको अपने ऊपर और अपने कार्य के प्रति पूर्ण रूप से विश्वास होता है कि यह अपने जीवन की इस क्षेत्र में हमेशा तरक्की करने के लिए ही पैदा हुए हैं बहुत ही जिद्दी लोग होते हैं ! यह अपना इतिहास स्वयं बनाने में विश्वास करते हैं
भविष्य की सफलता लिए हुए हजारों लाखों लोग अपने जीवन में आए दिन अनगिनत प्रयास करते हैं, मगर उनके पास सफलता का कोई रास्ता नजर नहीं आता हैं ! ऐसे में अगर कहा जाए तो अपने जीवन में अपनी मानसिकता को एक स्थिरता पर ले जाए और शांत भाव से अपने आप को इस प्रक्रिया में डलने का प्रयास कीजिए ! इसमें निम्नलिखित साधनों का उपयोग कर सकते हैं जैसे कि " योग" " ध्यान " करना अपने खुद को तैयार करना !
अपने जीवन के लक्ष्यों को लिखकर अपने आप को उसके अनुरूप ढालना नियमित दिनचर्या का पालन करना सुबह की ताजगी में अपने सपनों को याद करते हुए अपने काम में शत-प्रतिशत लगाना छोटे छोटे कदम आपकी सफलता में बहुत ही बड़े कदम साबित होंगे ! हर कोई एक दिन में महान नहीं बनता हैं महान बनने के पीछे अपने विचार की प्रक्रिया में बहुत सालों का योगदान होता हैं, बहुत महीनों का योगदान होता हैं, इसलिए आज से ही प्रण कीजिए कि आपकी अपने जीवन में किस क्षेत्र में आप आगे बढ़ना चाह रहे हैं उसके प्रति अपनी पूर्ण जानकारी को एकत्रित करें उसके अनुरूप आप मानसिक रूप से, शारीरिक रूप से, उसमें अपना योगदान दीजिए यकीनन सफलता आपको जरूर मिलेगी !!
धन्यवाद जय हिंद
लेखक श्रवण कुमार सुथार
Wau
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