प्रगतिशील देश में सबसे बड़ी बाधा हैं, तो वह हैं, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार, बेईमानी।
आज का विषय हैं प्रगतिशील देश में सबसे बड़ी बाधा हैं, तो वह हैं, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार, बेईमानी।
आज के दिन में हम ऐसे हिंदुस्तान में निवास करते हैं जहां पर यह कभी सोने की चिड़िया हुआ करता था ! भारत देश विश्व गुरु हुआ करता था ! आज उसी देश नाम भ्रष्टाचार में कहीं देशों से आगे आता हैं ?
आज जाने की वैश्विक स्तर पर भारत को भ्रष्टाचार में कितने अंक मिले हैं और यह अंक निर्धारित कौन करता हैं ? भारत में भ्रष्टाचार के खिलाफ कौन-कौन से आज तक संविधान संशोधन किए, या फिर कितने बिल लाए हैं, हम उन पर बात करने जा रहे हैं
International Anti-Corruption Day
अंतरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस हर साल 09 दिसंबर को दुनियाभर में मनाया जाता है. भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 31 अक्टूबर, 2003 को भ्रष्टाचार के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन को अपनाया गया था !
अंतरराष्ट्रीय कमेटी ने माना कि भ्रष्टाचार एक जघन्य कृत्य किसी लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा हैं ! संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन के द्वारा बनाएगी यह कमेटी भ्रष्टाचार के ऊपर निगरानी करने के लिए समस्त विश्व के देशों के ऊपर यह अपनी नजर रखते थे और उनकी रिपोर्ट तैयार कर कर यह उस देश को अंक निर्धारित करते थे 1 से लेकर 100 तक का इनका मूल्यांकन होता हैं
हर साल "करप्शन परसेप्शन इंडेक्स" (Corruption Perception Index) के नाम से एक रिपोर्ट प्रकाशित होती हैं यह रिपोर्ट बताती हैं कि कौन से देशों में कितना भ्रष्टाचार हैं और इसे नियंत्रित करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं !International Anti-Corruption Day 2021 Theme: संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 2021 अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस यह देखने के लिए मनाया जा रहा हैं कि सरकारें, सिविल सेवक सहित अंतर्राष्ट्रीय हस्तियां अपने देशों में बढ़ रहे भ्रष्टाचार से निपटने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं ? इससे पहले नवंबर में, संयुक्त राष्ट्र द्वारा छह सप्ताह का अभियान शुरू किया गया था ! यह अभियान भ्रष्टाचार का मुकाबला करने, अधिकारियों को अवैध रूप से धन लेने से रोकने के लिए चलाया गया था. इसका थीम "आपका अधिकार, आपकी भूमिका: भ्रष्टाचार को न कहें" (Your right, your role: say no to corruption) निर्धारित किया गया था ! 2021 में अपनाया गया यह अभियान काफी हद तक सफल रहा इसमें कहा गया कि आपका अधिकार, आप की भूमिका, भ्रष्टाचार को ना कहें यह सब के ऊपर लागू होता हैं क्योंकि भ्रष्टाचार किसी एक व्यक्ति से नहीं होता हैं ! भ्रष्टाचार की जड़ें बहुत ही गहराई में डूबी हुई हैं और यह आए दिन और गहरी होती जा रही हैैं इसके लिए कहीं ना कहीं हम खुद जिम्मेदार हैं किसी एक को जिम्मेदार ठहराना गलत होगा ! आगे 2022 में देखते हैं International Anti-corruption Day ki theme क्या होगी, और भारत देश विश्व में कोनसा स्थान मिलता हैं !
भारत में भ्रष्टाचार के कारण !
भारत के ऐसे मंत्रालय भी हैं, जिसके ऊपर कभी भ्रष्टाचार का आरोप लगा हुआ हैं, हम आए दिन समाचार पत्रों में जरूर सुनते हैं कि आज इस नेता ने इतना घोटाला किया, उसने यह किया, उस कंपनी ने इतना घोटाला किया, आज इतना कोई बैंक का घोटाला करके देश छोड़कर भाग गया, यह भ्रष्टाचार किया की जड़ क्या हैं ? और यह कहां से पनप रही हैं, क्या इस अंधी दौड़ में हम भी इसका हिस्सा हैं ?
आज हम जहां पर भी देखते हैं हर प्रकार के कर्मचारी को देखते हैं भ्रष्टाचार से रंगे हुए उनके हाथ जरूर नजर आते हैं हम आए दिन जब भी न्यूज़पेपर उठाते तो कोई ना कोई ऐसे अफसर की न्यूज़ जरूर होती हैं जिसमें यह बताया जाता हैं कि इतने करोड़, इतने लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, एजुकेशन के क्षेत्र में भ्रष्टाचार का आंकड़ा बढ़ने लगा है!
शिक्षा को मां सरस्वती का वरदान माना जाता है इस क्षेत्र में आज लाखों विद्यार्थी अपने मेहनत के दम पर हर कोई परीक्षा पास करना चाहता है मगर बेईमान कुछ कर्मचारियों की वजह से लाखों रुपए रिश्वत लेकर उनके पेपर पहले से ही लिक कर दिए जाते हैं और मेहनती विद्यार्थियों का जीवन अंधकारमय में समा जाता हैं ! आखिर इसके जिम्मेदार कौन हैं ? सरकारें आती हैं, बोलती हैं, जाती हैं, मगर इसकी जिम्मेदारी कभी कोई नहीं लेता हैं, खामोश एक विद्यार्थी इस प्रक्रिया का क्या नाम दें ?
भ्रष्टाचार आए दिन हुए कांड में हमेशा मध्यवर्गीय परिवारों के लिए सरदर्द बन गया हैं इनकी वजह से आज देश की वह हालत हो गई हैं जिसकी कभी कोई कल्पना नहीं की गई थी जिस समय भारत देश को आजादी मिल रही थी उस समय हमारे क्रांतिकारियों ने कौन से देश का सपना देखा था ?आज वह देश कहां जाकर खड़ा हैं ? हम इसकी भी कल्पना नहीं कर सकते हैं इसके भी जिम्मेदार कौन हैं ?
आज हम अगर कोई भी काम करवाने जाते हैं तो हमारे सबसे पहले रिश्वत की बात होती हैं ! अगर कोई मध्यवर्गीय परिवार या गरीब इंसान जाता हैं तो उनको सबसे पहले रिश्वत देनी होती हैं ! तब जाकर उसका काम बनता हैं ? " अरे यहां से तो छोड़ो आप आगे और बड़ों में बताता हूं आज हम जहां पर भी मंदिरों में जाते हैं तो पैसों की हरी पत्ती लेकर सबसे पहले दर्शन करवाए जाते हैं ! भगवान के पवित्र व दर्शन को भी नहीं छोड़ा इन लोगों ने यह क्या देश को खाक संभालेंगे ? अनुभव तो आपने जरूरी किया होगा अपने जीवन में कभी भी कोई बड़े मंदिर में गए होंगे तो ?
आज इस देश में जितने कानून बनते हैं उसे ज्यादा इस कानूनों को तोड़ने वाले होते हैं ! इसकी की जड़ यही से पनपती हैं और यही से आगे बढ़ती हैं ग्रामीण स्तर पर बात करें तो वहां के सबसे छोटे से छोटे अधिकारी को भी हमें सबसे पहले उनके चाय पानी का देना होता हैं उसके बाद अपना काम बनता हैं क्या यह बात कोई नहीं जानता सब जानते हैं मगर मुंह पर ताला लगाकर चुप बैठे होते हैं और जब कोई आवाज करने जाता है तो उनका काम हैं जिंदगी भर नहीं होता यह हिंदुस्तान के सबसे कड़वी सच्चाई हैं ?अगर हर हिंदुस्तान का हर कर्मचारी कर्तव्यनिष्ठ, ईमानदारी, से काम करने लग जाए तो हिंदुस्तान सोने की चिड़िया बनने में 2 साल भी नहीं लगेंगे ! मगर बेईमानों की कमी नहीं हैं इस देश में भरे पड़े हैं ऐसे हर डिपार्टमेंट में हर जगह भ्रष्टाचार हर रोज बढ़ता जा रहा हैं ! कॉलेज की अगर कोई सीट नहीं मिलती हैं तो वहां जाकर अब हम पैसे देते तो अपना काम आसानी से बन जाता हैं ! हास्पिटल में अगर कोई एडमिशन नहीं मिलता है वहां जाकर भी अगर पैसे देते हो तो अपना काम तुरंत हो जाता हैं !
भ्रष्टाचार को खत्म करने का एक ही तरीका हैं अपने कोरी की मरी हुई आत्मा से सवाल पूछना और खुद को एक ईमानदारी में नए इंसान का निर्माण करना तब जाकर यह संभव हो सकता है आप और मैं इसी धारा के भागीदार बनें!
मेरा या लेख किसी की बुराई करना नहीं हैं बताया गया ग्रे तथ्य और रिपोर्ट सर्च की गई हैं उसके बाद ही बताई गई हैं यह सिर्फ एक सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया लेख हैं !
भ्रष्टाचार किसी एक व्यक्ति का विषय नहीं है यह हम सब सबके लिए एक सोचने का विषय हैं इसके ऊपर कारवाई करने का समय हैं सरकार के नियमों के अनुसार हम उनका पालन करें और भ्रष्टाचार जितना हो सके उतना रोकने का प्रयास करें इसी में देश की प्रगति हैं विकास हैं !
धन्यवाद
जय हिंद
लेखक श्रवण कुमार सुथार
Bht acha likha h sir....bht information based h
ReplyDelete